दुनिया का भी दस्तूर है जुदा, तू
ही बता ये क्या है खुदा?
लक्ष्मी-सरस्वती, हैं चाह सभी
की, क्यों दुआ कहीं ना इक
बेटी की?
सब चाहे सुन्दर जीवन संगिनी,
फिर क्यों बेटी से मुह फेरे,
लक्ष्मी रूपी बिटिया को छोड़,
धन-धान्य को क्यों दुनिया हेरे!!
👏बेटी बचाओ बेटी पढाओ👏
NAI RAHEIN TRUST
(CREATE A BETTER INDIA)
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